Dil Dhadakne Ka Sabab Yaad Aaya – Asha Bhosle

Dil Dhadakne Ka Sabab Yaad Aaya is a ghazal that is composed by Ghulam Ali and sung by Aasha Bhosle. The ghazal has been written by Nasir Kazmi.

Dil Dhadakne Ka Sabab Yaad Aaya - Asha Bhosle

Song :- Dil Mein Ek Laher Si Uthi Hai Abhi
Artist :- Ghulam Ali
Music Director :- Ghulam Ali
Lyricist :- Nasir Kazmi
Label :: Saregama India Ltd

Dil Mein Ek Laher Si Uthi Hai Abhi

दिल में इक लहर सी उठी है अभी
कोई ताज़ा हवा चली है अभी

कुछ तो नाज़ुक मिज़ाज हैं हम भी
और ये चोट भी नई है अभी

शोर बरपा है ख़ाना-ए-दिल में
कोई दीवार सी गिरी है अभी

भरी दुनिया में जी नहीं लगता
जाने किस चीज़ की कमी है अभी

तू शरीक-ए-सुख़न नहीं है तो क्या
हम-सुख़न तेरी ख़ामुशी है अभी

याद के बे-निशाँ जज़ीरों से
तेरी आवाज़ आ रही है अभी

शहर की बे-चराग़ गलियों में
ज़िंदगी तुझ को ढूँडती है अभी

सो गए लोग उस हवेली के
एक खिड़की मगर खुली है अभी

तुम तो यारो अभी से उठ बैठे
शहर में रात जागती है अभी

वक़्त अच्छा भी आएगा ‘नासिर’
ग़म न कर ज़िंदगी पड़ी है अभी

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