कुछ शेर १

कहाँ से आ गयी दुनिया कहाँ, मगर देखो,
कहाँ-कहाँ से अभी कारवाँ गुज़रता है

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

हमसे क्या हो सका मुहब्बत में,
खैर तुमने तो बेवफ़ाई की

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●


अब दौरे-आस्माँ है न दौरे –हयात है,
ऐ दर्दे-हिज्र तू ही बता कितनी रात है

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

छिड़ते ही ग़ज़ल बढ़ते चले रात के साये,
आवाज़ मेरी गेसू-ए-शब खोल रही है

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

किसको रोता है उम्रभर कोई,

आदमी जल्द भूल जाता है


●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

जिनकी तामीर इश्क़ करता है,
कौन रहता है उन मकानों में


●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

इस दश्ते-बेकसी में 
सरे-शाम तुम कहाँ



●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●


अब कर के फरामोश तो नाशाद करोगे
पर हम जो न होंगे तो बहुत याद करोगे

– फिराक गोरखपुरी 

बेखुदी ले गई कहाँ हम को
देर से इन्तिज़ार है अपना

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●


देख तो दिल कि जाँ से उठता है
ये धुंआ कहाँ से उठता है

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

हम हुए तुम हुए कि मीर हुए
उस की जुल्फों के सब आसीर हुए

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

जब कि पहलू से यार उठता है
दर्द बे-ईख्तियार उठता है

– मीर

ज़िंदगी पर इससे बढ़कर तंज़ क्या होगा ‘फ़राज़’
उसका ये कहना कि तू शायर है दीवाना नहीं

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

कितना आसाँ था तेरे हिज्र में मरना जानाँ
फिर भी इक उम्र लगी, जान से जाते जाते

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

रातें हैं उदास, दिन कड़े हैं
ऐ दिल! तेरे हौंसले बड़े हैं

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

अभी तलक तो कुन्दन हुए, न राख हुए
हम अपनी आग में हर रोज़ जल के देखते हैं

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

आँखों में छुपाये अश्कों को होंठों में वफ़ा के बोल लिये
इस जश्न में भी शामिल हूँ नौहों से भरा कश्कोल लिये


●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

दिल के रिश्तों कि नज़ाक़त वो क्या जाने ‘फ़राज़’

नर्म लफ़्ज़ों से भी लग जाती हैं चोटें अक्सर

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●

चढते सूरज के पूजारी तो लाखों हैं ‘फ़राज़’,
डूबते वक़्त हमने सूरज को भी तन्हा देखा

●◦●…∞◊ᴥ ᴥ◊∞…●◦●


उस शख़्स को बिछड़ने का सलीका भी नहीं,
जाते हुए खुद को मेरे पास छोड़ गया 

– अहमद फ़राज़ 

Want More Like This?

Get Hindi and Punjabi Songs Lyrics, Poetry, Ghazals and Song Quotes directly in your MailBox

Latest Lyrics

You would love this!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Get Songs Lyrics, Poetry, Ghazals and Song Quotes